हे चमत्कारी आत्मा,
चलिए शुरू करते है आज का कॉस्मिक मेल हमारे अलौकिक पिता ब्रम्हांड का शुक्रिया करते हुए।

सवाल: क्या काला जादू होता है?

अलौकिक पिता परमात्मा का जवाब:

“मेरे प्यारे बच्चो,
मैं आपका अलौकिक पिता परमात्मा हूं। मैं हमेंशा चाहता हूं की मेरे बच्चे बहोत खुश रहे। जादू तो जादू होता है। आइये समझते है।

काला या गोरा, पहले जादू को समजना आवश्यक है। जादू क्या होता है? वह चीज जो सामान्य इंसान के अनुभव से बाहर हो उसे हम जादू या चमत्कार कहते है। जैसे की अगर मैं यहाँ चुटकी बजाके आग जला दू तो लोग इसे या तो चमत्कार मानेंगे या तो जादू। यह जादू बहोत किसम के होते है। कुछ जादु आँखों के भ्रम होते है। और कुछ चमत्कार मायावी शक्तियां होती है।

किसी एक लाइट बल्ब को जलाने के लिए पर्याप्त ऊर्जा चाहिए होती है। अगर काम ऊर्जा होती है तो वो कम जलता है और अगर पर्याप्त ऊर्जा होती है तो वह पूरा जलता है और उसी ही प्रकार रौशनी भी देता है। वैसे ही चमत्कार अगर पर्याप्त ब्रम्हांडीय ऊर्जा से किया गया है तो वह ज़्यादा लोगो को प्रभावित करेगा और अगर कम ऊर्जा से किया तो कम लोगो को प्रभावित करेगा।

असल मैं एक ऊर्जा ही है। जैसे मान लो की आग एक ऊर्जा है। अगर उस आग से मे खाना पकाऊ तो वह ऊर्जा का गोरा प्रयोग हुआ लेकिन अगर उसी आग से मे अगर किसीको जला दू तो वह काला प्रयोग हुआ।

वैसे ही ऊर्जा एक ही है, कोई इससे काला जादू करता है तो कोई इससे गोरे चमत्कार। तो हा काला जादू होता है। लेकिन अगर आपके अतिरिक्त पर्याप्त ब्रम्हांडीय ऊर्जा है तो उस काले जादू की ऊर्जा आपको कोई हानि नहीं पोहचा सकती।”