हे शक्तिशाली आत्मा,
चलिए हमारे अलौकिक पिता ब्रम्हांड का धन्यवाद करते हुए आगे बढ़ते है आज के कॉस्मिक मेल की और।

क्या कोई कार्य करने के लिए हमें अच्छे वक़्त का इंतज़ार करना चाहिए या कोई भी कार्य किसी भी वक़्त किया जा सकता है?

इस सवाल पे हमारे अलौकिक पिता ब्रम्हांड हमसे कुछ कहना चाहते है:

“मेरे प्यारे बच्चो,
मैं आपका अलौकिक पिता ब्रम्हांड हूं। आपके जीवन से सारे सवालों के उत्तर है मेरे पास। मेरी हमेंशा एक ही इच्छा रहती है की मेरे बच्चे आत्म ज्ञान को समझे और परम सुख को प्राप्त करें।

आजके सवाल का उत्तर बहोत ही आसान है मेरे बच्चो लेकिन सवाल कुछ अधूरा अधूरा सा मालूम पड़ रहा है। कार्य यानि कर्म। अगर मेरे बच्चे कोई अच्छा कर्म करना चाहता है तो बिलकुल ही समय ना देखे और कभी भी शुरू कर दे मेरे बच्चे। दूसरी बात की बुरे कर्मो के लिए कोई भी वक़्त अच्छा नहीं हो सकता है।

मैं चाहता हूं की मेरे बच्चे सबसे पहले आत्म ज्ञान पे ध्यान दे। आत्म ज्ञान ही सबसे बड़ा ज्ञान है। अगर इस जन्म मे मेरे बच्चो ने ये ज्ञान नहीं लिया तो कुछ नहीं किया फिर भले चाहे मेरे बच्चे कितने भी ज्ञानी क्यों ना हो।”