हे सुंदर आत्मा,

चलो हमारे अलौकिक माता-पिता को धन्यवाद देने के साथ शुरू करते हैं; जो ब्रह्माण्ड है। आप भाग्यशाली हैं कि आपने आज सुबह अपनी आँखें खोलीं। कई लोग है आज की सुबह नहीं देख सके। अपनी आँखें बंद करो और अपने पास मौजूद हर चीज़ के लिए यूनिवर्स (लौकिक माता-पिता) का शुक्रिया अदा करो।

हम सभी यूनिवर्स के बच्चे हैं और यह यूनिवर्स कभी हमें दर्द में नहीं देखना चाहता। फिर हम दर्द में क्यों हैं? कभी सोचा? ब्रह्मांड कह रहा है कि आप अपने अलौकिक माता-पिता को भूल गए है। आप अपने कर्मों के कारण पीड़ा में हैं। लेकिन जब आपने उस कर्म को अतीत में किया था जिसके लिए आज आप दर्द में हैं, तो क्या आपने कभी अपने अलौकिक माता-पिता से सलाह लेने के बारे में सोचा था? नहीं! आपने अतीत मे उस कर्म को किया है जिससे आज पीड़ा हो रही है। यदि आपने अलौकिक माता-पिता से सलाह ली होती, तो आप उस बुरे कर्म को नहीं करते और शायद आज आप पीड़ित नहीं होते।

 वैसे भी जो हुआ सो हुआ लेकिन अब यूनिवर्स (अलौकिक माता-पिता) आपको कुछ बता रहे हैं:
“चिंता मत करो, मेरा बच्चा। अतीत अतीत है। तुमने गलतियाँ की होंगी। लेकिन, मैं तुम्हारा अलौकिक माता-पिता हूँ। मैं अपने बच्चों को दर्द में नहीं देख सकता। मैं हमेशा तुम्हारे बुरे कर्मों को धोने के लिए यहाँ हूँ। लेकिन मैं फंस गया हूं क्योंकि आप मुझसे जुड़े नहीं हैं। आप तो शायद यह भी भूल गए कि मैं आपका अलौकिक माता-पिता हूं। बस मुझे कनेक्ट करें और जादू देखें! आपके सभी दर्द मेरे हैं और मेरी सारी खुशीयाँ आपकी है। मैं आपके सभी बुरे कर्मो को जला दूंगा और आपको केवल आपके अच्छे कर्म के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। मेरा हाथ पकड़िए। यह मत भूलिए कि मैं आपका अलौकिक माता-पिता हूं। मैं हर जगह हूं। मैं हमेशा आपके साथ हूं। आप जो चाहते हैं, वह पूछिए, मुझ पर आंख मूंदकर विश्वास कीजिए, मैं निश्चित रूप से अपने बच्चों को वह दूंगा जो वे चाहते हैं। बस मुझे भूल मत जाना।”