हे ज्ञानी आत्मा,चलिए अपने अलौकिक पिता ब्रम्हांड का ध्यन्यवाद करके आजके कॉस्मिक मेल की शुरुआत करते है। सवाल: जीवन मे ध्यान की आवश्यकता क्यों है? अलौकिक पिता का जवाब: “मेरे भोले बच्चो,मैं आपका अलौकिक पिता ब्रम्हांड हूं। मेरे बच्चो के इस सफर का मैं एक मात्र चश्मदीद गवाह हूं। मैं