हे चमत्कारी आत्मा,चलिए शुरू करते है आज का कॉस्मिक मेल हमारे अलौकिक पिता ब्रम्हांड का शुक्रिया करते हुए। सवाल: परमात्मा का स्वरुप कैसा होता है?