हे मंगलकारी आत्मा,चलिए शुरू करते है आज का कॉस्मिक मेल हमारे अलौकिक पिता ब्रम्हांड का शुक्रिया करते हुए। सवाल: अगर मोह माया मे नहीं पड़ना चाहिए तो यह बनाया ही क्यों? अलौकिक पिता परमात्मा का जवाब: “मेरे प्यारे बच्चो,मैं आपका अलौकिक पिता परमात्मा हूं। मैं हमेंशा चाहता हूं की मेरे